थायराइड को समझना: काम करने का तरीका और लक्षण

04/04/2026

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थायराइड आपके गले के निचले हिस्से में स्थित एक छोटी ग्रंथि है, जो आपके शरीर के चयापचय (मेटाबॉलिज्म) को नियंत्रित करती है। यह ऐसे हार्मोन बनाती है जो आपकी हृदय गति, शरीर के तापमान और आपके ऊर्जा खर्च करने की गति को नियंत्रित करते हैं।

आँकड़ों के अनुसार, 8 में से 1 महिला अपने जीवनकाल में कभी न कभी थायराइड विकार का शिकार होती है। चूँकि इसके लक्षण (जैसे थकान, वजन में बदलाव और मूड स्विंग्स) अक्सर तनाव या मेनोपॉज जैसे लगते हैं, इसलिए कई महिलाओं की इस बीमारी का सालों तक पता नहीं चल पाता।

थायराइड असंतुलन के मुख्य प्रकार

थायराइड की समस्याएँ आमतौर पर दो श्रेणियों में आती हैं: ग्रंथि का कम काम करना या बहुत अधिक काम करना।

1. हाइपोथायरायडिज्म (कम सक्रिय थायराइड)

यह तब होता है जब ग्रंथि पर्याप्त हार्मोन नहीं बना पाती, जिससे शरीर की प्रक्रियाएँ धीमी हो जाती हैं। यह महिलाओं में सबसे आम समस्या है।

  • ऊर्जा और मूड: पुरानी और गहरी थकान (क्रोनिक फटीग), 'ब्रेन फॉग' (मानसिक धुंधलापन) और लगातार उदासी या डिप्रेशन महसूस होना।
  • वजन और तापमान: बिना किसी कारण के वजन बढ़ना और हर समय ठंड महसूस होना।
  • शारीरिक लक्षण: रूखी त्वचा, बालों का झड़ना और नाखूनों का कमजोर होना।
  • माहवारी पर असर: पीरियड्स अक्सर भारी, लंबे समय तक चलने वाले या अधिक दर्दनाक हो जाते हैं।

2. हाइपरथायरायडिज्म (अति सक्रिय थायराइड)

यह तब होता है जब ग्रंथि बहुत अधिक हार्मोन बनाने लगती है, जिससे शरीर ज़रूरत से ज़्यादा तेज़ गति से काम करने लगता है।

  • ऊर्जा और मूड: बहुत ज़्यादा घबराहट, चिड़चिड़ापन, बेचैनी और नींद आने में कठिनाई।
  • वजन और तापमान: अचानक वजन कम होना और गर्मी सहन न कर पाना (बहुत पसीना आना)।
  • शारीरिक लक्षण: दिल की धड़कन तेज़ होना, हाथों का कांपना और मांसपेशियों में कमजोरी।
  • माहवारी पर असर: पीरियड्स बहुत हल्के, कभी-कभी आने वाले या पूरी तरह बंद हो सकते हैं।

महिलाओं को इसका खतरा अधिक क्यों है?

थायराइड, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के साथ मिलकर काम करता है। जीवन के बड़े हार्मोनल बदलाव, जैसे गर्भावस्था, बच्चे के जन्म के बाद का समय और पेरीमेनोपॉज अक्सर थायराइड असंतुलन को ट्रिगर करते हैं। इसके अलावा, महिलाओं में 'हाशिमोटो' या 'ग्रेव्स' जैसी ऑटोइम्यून बीमारियाँ होने की संभावना अधिक होती है, जिनमें शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से थायराइड ग्रंथि पर हमला कर देता है।

विशेषज्ञ (डॉक्टर) से कब मिलें?

यदि आप इन संकेतों को देखती हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें:

  • गले में सूजन: गले के निचले हिस्से में कोई गांठ या भारीपन महसूस होना (घेंघा या गोइटर)।
  • माहवारी में बदलाव: आपके माहवारी के बहाव या समय में अचानक और बड़ा बदलाव आना।
  • दिल की धड़कन: बैठे या लेटे होने पर भी दिल की धड़कन का बहुत तेज़ महसूस होना।
  • लगातार थकान: ऐसी थकान जो सोने के बाद भी ठीक न हो या शरीर में भारीपन महसूस हो।

जांच पर एक विशेष नोट:

कई स्टैंडर्ड टेस्ट में सिर्फ़ टी.स.एच. की जांच की जाती है। लेकिन कई महिलाओं के लिए सिर्फ टी.स.एच. की रिपोर्ट पूरी सच्चाई नहीं बताती। यदि आपके लक्षण बने रहते हैं, तो अपने डॉक्टर से 'फुल थायराइड पैनल' के लिए कहें, जिसमें फ्री टी4, फ्री टी3 और थायराइड एंटीबॉडी शामिल हों। यह आपकी ग्रंथि की सेहत की पूरी जानकारी देता है।

यदि आप लगातार लक्षणों को महसूस कर रही हैं, तो वे किसी अंदरूनी थायराइड समस्या का संकेत हो सकते हैं। घर बैठे क्लिनिक खुलने के समय की जानकारी पाने और विशेषज्ञ से मिलने के लिए के लिए वेलफलो ऐप के क्लिनिक फीचर का उपयोग करें।